Hindi Sahitaya Mein Sarvpratham

यूँ तो हिंदी भाषा में नए-नए प्रयोग होते रहते हैं, किन्तु इस पोस्ट में हम हिंदी भाषा के विकास के कुछ ऐसे तथ्य बताएँगे जो की अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है। हिंदी भाषा के विकासक्रम में प्रथम और सर्वप्रथम से सम्बंधित पॉइंट्स नीचे बताये गए हैं। 

हिंदी भाषा के विकासक्रम में सर्वप्रथम 

  • हिंदी अपभ्रंश के प्रथम महाकवि 'स्वयंभू' थे। 
  • हिंदी के प्रथम कवि 'सरहपा' थे, और उन्होंने ही अपनी रचनाओं में सर्वप्रथम दोहा और चौपाईयों का  प्रयोग किया। 
  • हिंदी की प्रथम रचना 'श्रावकाचार' है जिसे 'देवसेन' ने लिखा था। 
  • हिंदी साहित्य की प्रथम रचना 'चंदबरदाई' द्वारा रचित 'पृथ्वीराज रासो' है ,जिसे साहित्य का 'प्रथम महाकाव्य' भी कहा जाता है।
  • हिंदी महाकाव्य में सर्वप्रथम 'बारहमासा वर्णन' का प्रयोग 'नरपति नाल्ह' द्वारा रचित 'बीसलदेव रासो' में किया गया।
  • 'अब्दुल रहमान' की रचना 'संदेश रासक' किसी इस्लामी अनुयायी द्वारा किसी भारतीय भाषा में रचित पहली रचना है। 
  • हिंदी विकास क्रम में सर्वप्रथम 'अवहट्ट' का प्रयोग 'विद्यापति' ने अपनी रचना 'कीर्तिलता' में किया। विद्यापति हिंदी के 'सर्वप्रथम गीतकार' थे। 
  • 'अमीर खुसरो' ने 'मुकरियों' की शुरुआत की थी। उन्हें हिंदी का 'प्रथम भाषा सर्वेक्षक' भी माना जाता है। 
  • 'असाइत', हिंदी के 'प्रथम सूफी कवि' थे, जिन्होंने सूफी प्रेमाख्यान के प्रथम काव्य हंसावली की रचना की थी। 
  •  'जॉर्ज ग्रियर्सन', ने सर्वप्रथम 'भक्तिकाल' को 'हिन्दी काव्य' का 'स्वर्ण युग' घोषित किया। 
  • 'मीराबाई' को हिंदी की 'आदि कवयित्री' भी कहा जाता है। 
  • सूरदास की ‘सूरसागरकृष्ण भक्ति काव्य की सबसे प्रसिद्ध काव्य है। 
  • तुलसीदास की रचना ‘रामचरितमानस’ राम भक्ति काव्य की सबसे प्रसिद्ध काव्य रचना है। 
  • कृपाराम द्वारा रचित 'हित तरंगिणी' रीति काव्य की सर्वप्रथम ग्रंथ है। 
  • "स्वच्छंदतावाद" शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 'मुकुटधर पांडेय' ने किया था। 
  • हरिऔध की रचना 'प्रिय प्रवास' खड़ी बोली की 'प्रथम महाकाव्य' है। 
  • 'झरना' (1918 ई०) जयशंकर प्रसाद की रचना है जोकी 'छायावाद' की प्रथम रचना है। 
  • निराला जी ने अपनी रचना ‘जूही की कली’ में मुक्त छंद का प्रथम प्रयोग किया। 
  • लाला श्री निवास दास जी द्वारा लिखित 'परीक्षा गुरु' हिंदी का प्रथम उपन्यास है। 
  • 'कायाकल्प', प्रेमचंद द्वारा प्रथम मूल रूप से हिंदी में लिखा उपन्यास है। 
  • हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी, किशोरी लाल द्वारा लिखित ‘इंदुमती ‘ है। 
  • हिंदी का प्रथम मौलिक नाटक, ‘नहुष’ (गोपालचंद्र) है। 
  • हिंदी का प्रथम अभिनीत नाटकजानकीं मंगल’ (शीतला प्रसाद त्रिपाठी) है। 
  • 'एक घूंट', जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित एकांकी हिंदी की प्रथम एकांकी है। 
  • हिंदी की प्रथम आत्मकथा का नाम ‘अर्द्धकथानक’ (1641 ई०) है, जिसे बनारसी दास ने लिखा।
  • भक्त माल’ (1585 ई०) हिंदी की प्रथम जीवनी है, जो की नाभादास की कृति है।
  • लन्दन यात्रा’ (श्रीमती हरदेवी) , हिंदी की प्रथम यात्रा संस्मरण है, जो की 1833 में लिखी गयी थी। 
  • 'पद्म पराग', हिंदी का प्रथम रेखाचित्र है, जो 1929 में पद्म सिंह शर्मा द्वारा लिखा गया था। 
  • 1938 में शिवदान सिंह चौहान द्वारा कृत ‘लक्ष्मीपुराहिन्दी का प्रथम रिपोर्ताज है। 
  • हिंदी की प्रथम गद्य-काव्य रचना ‘रायकृष्ण दास’ जी की ‘साधना’ है।
  • गंग कवि की ‘चंद छंद बरनन की महिमाखड़ी बोली गद्य की प्रथम रचना है। 
  • उदन्त मार्तण्ड’ (30 मई , 1826) हिंदी का प्रथम समाचार पत्र था। 
  • समाचार सुधा वर्षण ’ (1854) हिंदी का सर्वप्रथम दैनिक समाचार पत्र था।
  • 'नये पत्ते' (लक्ष्मी कांत वर्मा) हिंदी की प्रथम लघु/छोटी पत्रिका थी। 
  • पटना के 'खड्ग विलास प्रेस' द्वारा प्रकाशित ‘भारतेन्दु ग्रंथावलीहिंदी भाषा की प्रथम ग्रंथावली थी। 
  • 1954 में माखनलाल चतुर्वेदी की रचना 'हिमतरंगिनी' को हिंदी के लिए प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
  • ज्ञानपीठ पुरस्कार से सर्वप्रथम 1968 में सुमित्रा नंदन पंत जी को उनकी रचना ‘चिदंबरा’ के लिए सम्मानित किया गया था और 1982 में अपनी रचना ‘यामा’ के लिए ‘महादेवी वर्माज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम महिला साहित्यकार थी। 
  • पहला विश्व हिंदी सम्मेलन नागपुर में सन 1975 में हुआ। 
  • एम० ए० का सर्वप्रथम शिक्षण काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रारम्भ हुआ। 
  • संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देने वाले पहले व्यक्ति अटल बिहारी वाजपेयी थे। 
  • विश्व का प्रथम हिंदी व्याकरण (Hindi-Grammar) ग्रंथ ‘अष्टाध्यायी’ जिसे 400 ईसा पूर्व में पाणिनि ने लिखा।