हिंदी भाषा के कुछ प्रमुख तथ्य


हिंदी भाषा का विकास और इतिहास 

  • विश्व में बोली जाने वाली लगभग ३००० भाषाओं में से हिंदी एक भाषा है। 
  • भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है किंतु इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा नही दिया गया है वास्तव में भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। भारत मे करीब 29 भाषाएँ बोली जाती हैं और लगभग 1650 बोलिया हैं |
  • विद्वानों के अनुसार भाषा-परिवार के आधार पर हिंदी भाषा इंडो-यूरोपियन अथवा भारोपीय परिवार की भाषा है।
  • बनावट या रूप के आधार पर हिंदी वियोगात्मक या विश्लिष्ट भाषा है। 
  • हिंदी भाषा का विकास क्रम : संस्कृत ⇨पाली ⇨प्राकृत ⇨अपभ्रंश ⇨अवहट्ट ⇨प्राचीन अथवा प्रारंभिक हिंदी। 
  • हिंदी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं। 
  • अधिकतर भारतीय भाषाओं का विकास ब्राह्मी लिपि से हुआ है। 
  • अपभ्रंश का मतलब 'पतन' होता है किन्तु भाषा के मामले में इसका अर्थ भाषा के विकास से होगा। 
  • हिंदी भाषा की मूल जननी/माता/Mother, संस्कृत भाषा है जबकि प्रारंभिक हिंदी का विकास अपभ्रंश से हुआ। 
  • संस्कृत भाषा का अपभ्रंश पाली भाषा है।  
  • तेलगु बोली हिंदी के अंतर्गत नहीं आती। 
  • हिंदी की विशिष्ट बोली ब्रजभाषा काव्यरूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है। 
  • मराठी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। 
  • ढूँढाड़ी पूर्वी राजस्थान की बोली है। 
  • पुरानी बांग्ला भाषा को ब्रजबुलि के नाम से भी जाना जाता है। 
  • प्रताप नयन मिश्र ने 'हिंदी-हिन्दू-हिंदुस्तान' का नारा दिया था। 
  • हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का विचार सबसे पहले बंगाल से शुरू हुआ। 
  • संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा बनाने का प्रस्ताव गोपाल स्वामी आयंगर जी ने रखा। 
  • संविधान सभा में राष्ट्रभाषा के नाम पर वोटिंग में हिंदुस्तानी को 77 वोट और हिंदी को 78 वोट मिले थे। 
  • 1952 में स्वतंत्रता सेनानी पोट्टि श्रीरामुलु ने तेलुगू भाषा बोलने वालों के लिए एक अलग राज्य आंध्र प्रदेश बनाने की मांग पर आमरण अनशन करते हुए अपनी जान से दी। 
  • पंजाब महाराष्ट्र और गुजरात राज्य अपने शासन में क्रमशः पंजाबी मराठी और गुजराती भाषा के साथ-साथ हिंदी को भी सहभाषा के रूप में घोषित कर रखा है। 
  • हिंदी भाषी क्षेत्र  के अंतर्गत 9 राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली आते हैं इस क्षेत्र में भारत की कुल जनसंख्या के ४३% लोग रहते हैं। 
  • छोटे क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा 'बोली' कहलाती है, बोली में साहित्यिक रचनाएँ नहीं होती। 
  • जब किसी बोली में साहित्यिक रचनाएँ होने लगती हैं और उसे समझने वालो के क्षेत्र का विस्तार हो जाता है तो वह बोली ना रहकर 'उपभाषा' कहलाती है। 
  • साहित्यकार जब उपभाषा को अपने साहित्य के द्वारा सबके द्वारा मान्य सही रूप प्रदान कर देते हैं तथा उसका क्षेत्र विस्तार और बढ़ जाता है तो वह 'भाषा' कहलाने लगती है।
  • किसी भाषा के अंतर्गत कई उप भाषाएं होती हैं तथा एक उपभाषा के अंतर्गत कई बोलियां होती हैं। 
  • वर्तमान समय में हिंदी भाषा की खड़ी बोली का प्रयोग आम बोलचाल अथवा साहित्य में होता है। 
  • भारतीय संविधान में 343 से 351 तक के अनुच्छेदों में राजभाषा संबंधी प्रावधानों का उल्लेख है
  • दक्षिण भारत में हिंदी प्रचार सभा का मुख्यालय चेन्नई में स्थित है 
  • हिंदी खड़ी बोली शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित हुई है
  • भाषा के आधार पर भारतीय राज्यों की पुनः संरचना 1956 में की गई थी। 
  • भाषाई आधार पर सर्वप्रथम आंध्र प्रदेश राज्य का गठन हुआ था। 
  • भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की संख्या 22 है। 
  • 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन सन् 1949 में संविधान सभा के द्वारा एक मत से यह यह निर्णय लिया गया था कि हिंदी, भारत की राजभाषा होगी। 

आधुनिक हिंदी का सफर :

प्राचीन हिंदी1100 ई०   - 1400 ई०   
मध्यकालीन हिंदी1400 ई०  - 1850 ई० 
आधुनिक हिंदी1850 ई०  - अबतक 

भारत में भाषा-परिवार और बोलने वालों का प्रतिशत :

भारोपीय/इंडो-यूरोपियन 73%   
द्रविड़ 25%
आस्ट्रिक1.3% 
चीनी-तिब्बती0.7%


हिंदी आंदोलन के धार्मिक -सामाजिक संस्थाएं :

नाम मुख्यालय स्थापना वर्ष संस्थापक
ब्रह्म समाज  कलकत्ता  1828  राजा राम मोहन राय 
प्रार्थना समाज  बम्बई  1867 आत्मारंग पाण्डुरंग  
आर्य समाज  बम्बई  1875 दयानन्द सरस्वती 
थियोसोफिकल 
सोसायटी 
अड्यार,
मद्रास 
1882 H. S. Olcott और 
मैडम बलाववत्सकी 
सनातन धर्म सभा 
(भारत धर्म महामण्डल)
वाराणसी  1895 पं० दीन दयाल शर्मा 
रामकृष्ण मिशन  बेलूर  1897 विवेकानंद 


भारत के विभिन्न क्षेत्रों की उपभाषा और बोलिया :

उपभाषा  बोलियां  मुख्य क्षेत्र 
राजस्थानी   मारवाड़ी (प० रा०)
जयपुरी या ढुंढाड़ी 
(पू० रा०)
मेवाती (उ० रा०)
मालवी (द० रा०)  
राजस्थान  
पश्चिमी हिंदी   कौरवी या खड़ी बोली 
बांगरू या हरियाणवी
ब्रजभाषा 
बुंदेली 
कन्नौजी  
हरियाणा,
उत्तर प्रदेश 
पूर्वी हिंदी  अवधी
बघेली 
छत्तीसगढ़ी 
मध्य प्रदेश 
उत्तर प्रदेश 
छत्तीसगढ़
बिहारी   भोजपुरी
मगही 
मैथिलि 
बिहार 
उत्तर प्रदेश 
पहाड़ी  कुमाऊनी 
गढ़वाली  
उत्तराखंड,
हिमाचल प्रदेश 


विश्व हिंदी सम्मलेन क्रम, तिथि व स्थान  :

क्रम  तिथि   स्थान  
पहला    10-14 जनवरी , 1975 
नागपुर
अध्यक्ष : शिवसागर राम
गुलाम(राष्ट्रपति; मारिशस) 
उद्घाटन - इंदिरा गाँधी   
दूसरा    28-30 अगस्त , 1976   पोर्ट लुई (मॉरिशस)
तीसरा   28-30 अक्टूबर ,  1983 नई दिल्ली (भारत)
चौथा    02-04 दिसम्बर , 1993 पोर्ट लुई (मॉरिशस)
पांचवा   04-08 अप्रैल , 1996   पोर्ट ऑफ़ स्पेन
छठा   14-18 सितम्बर , 1999  लन्दन (ब्रिटेन)  
सातवाँ    05-09 जून , 2003   पारामारिबो (सूरीनाम)
आठवां  13-15 जुलाई , 2007  न्यूयॉर्क(अमेरिका)
नौवा    22-24सितम्बर , 2012 जोहान्सबर्ग(दक्षिणी अमेरिका)
दसवाँ   10-12 sep , 2005   भोपाल (भारत)
ग्यारहवाँ    18-20 aug , 2018  पोर्ट लुई (मॉरिशस)